Dill se shayari

बेरुखी इससे बड़ी और भला क्या होगी,
एक मुद्दत सहमे उसने सताया भी नही ।

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तुम्हारी दोस्ती को देखकर सब रश्क करते है,
जो बस चलता तो दुनिया छीन लेती जिन्दगी मेरी।

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जाओ भी अब ना दो झूटी तसल्लिया,
उड़ा दिया आप ने हमारे प्यार की खिलाया।

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जो कहा मैने की प्यार आता है मुझको तुम पर,
हसके कहने लगे और आप को आता क्या है।

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इस तरह से मुझे बर्बाद किया है उसने,
की शाम कुछ भी नही और सुबह कुछ भी नही।

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मै मुद्दत से जिया हूं किसी दोस्त के बेगार,
आब तुम भी साथ छोड़ने को कह रहे हो,
जिंदगी कैसे गुजरूँगा तुम्हारे बेगार।

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तमाम उम्र तेरा इंतजार कर लेंगे,
मगर ये रंज रहेगा कि जिंदगी काम है।
शायद ये जिंदगी काम न हो जाय ,
तेरे इंतजार में।

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तुम न आओगे तो मारने की सौ तदबीरें,
मौत तुम तो नही हो की बुला भी न सकूं।

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हमें भी नींद आ जाएगी,
हम भी सौ ही जाएंगे,
अभी कुछ बेकरारी है, सितारों तूम भी सो जाओ।

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ये मौसम सोहना फिज़ा भीगी भीगी,
बड़ा लुफ्त आता अगर तुम भी होती।

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ये आधी रात को उसका पैगाम आया हैं,
हैम आज आ नही सकते ,अब इंतजार न करे।

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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए।

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अब के बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिले,
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिले।

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याद आया यहां आने का वादा उन्हें कब?
रात को पांव में मेहंदी लगा चुके वो जब।

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वो फिर वादा मिलने का करते है यानी,
अभी कुछ दिनों हमको जीना पड़ेगा।

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दीवाना कहके तुमने पुकारा जो नाज से,
दीवाना आज और भी दीवाना हो गया।

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हम फिर उनके रूठ जाने पर फिदा होने लगे,
फिर हमें प्यार आ गया जब वो खफा होने लगे।

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मै अपना दर्दे दिल कहता वो मुह फेर लेते है,
हमें देख के वो खुद को छुपा लेते है।

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“कोई भी इंसान उस सच्चाई के लिए मरने के लिए तैय्यार होता है जिसको वह सच मानता है, चाहे वह वास्तव में झूठ हो। परंतु, वह उस बात के लिए नहीं मरना चाहता जो वह जानता है की झूठ है।

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इतना बरबाद किया है मुझे गमखोरों ने ,
अब कोई रहम भी कहते है तो रो देता हूं।

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एक हमें आवारा कहना कोई बड़ा इलजाम नही,
दुनिया वाले दिलवालों को और बहुत कुछ कहते है। 

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अपनी हालत का खुद अहसास नही है मुझ को,
मैंने औरों से सुना है कि परेशान हूं मैं।

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वो खड़े करते है मेरी लाश पर,
हम तो सुनते थे कि नींद नही आती।

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दबा के काबर में सब चल दिये,दुआ न सलाम,
जरा सी देर में क्या हो गया जमाने को।

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मुझे फुकने से पहले ,मेरा दिल निकाल लेना,
ये किसीकी है अमानत,कही साथ जल ना जाये।

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तुम मुझसे छूट कर रहे सबकी निगह में,
मैं तुमसे छूट कर किसी काबिल नही रहा।

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जो तमन्ना दिल मे थी वे दिलमे घुटकर राह गई,
उसने पूछा भी नही हमने बताया भी नही।

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तुम्हरी बेरुखी ने यूं हमारा दिल बहुत तोड़ा,
उसी दिल ने तुम्हें आवाज दी है फिर चले आओ।

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मौसम सोहना फिजा भीगी भीगी,
बड़ा मजा आता अगर तुम भी होती।

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हुस्न वाले मेरे कातिल है, ये दावा है मेरा,
हुस्न वालों को सज्जा दो,मुझे मंजूर नही।

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चुप हो गया हूं आप की सूरत को देखकर,
करनी थी आप से कितनी मुझे कितनी शिकायतें।

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नाज है कि बड़ा सबर मोहबत में किया,
पूछिए सबर ना करते तो भला क्या करते।

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मुझ को तो होश नही , तुमको खबर हो शायद,
लोग कहते है कि तुमने मुझे बर्बाद किया है।

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चलो अच्छा हुआ काम आ गई दीवानगी अपनी,
वरना हम जमाने भर को समझने कहा जाते।

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तेरी जुदाई का गम उम्र भर रहा लेकिन,
इस एक गम ने मुझे जिंदगी भी बख्शी है।

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सारी दुनिया कह रही है तेरा दीवाना मुझे,
क्या कयामत है कि तूने ही न पहचाना मुझे।

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जब भी आता है मेरे नाम तेरे नाम के साथ,
जाने लोग केयू मेरे नाम से जल जाते है।

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हम आह भी करते है तो हो जाते है बदनाम,
वो कत्ल भी करते है तो चर्चा नही होती।

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लाऊंगा मैं कहां से जुदाई का हौसला,
क्यो इस कदर करीब मेरे आ रहे हो तुम।

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