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khwaja garib nawaz shayari : Best 79 + ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ शायरी इन हिंदी

नमस्कार दोस्तों आज का हमारा पोस्ट khwaja garib nawaz shayari के बारे में है  । इस पोस्ट में हम की शायरी के बारे में जानकारी मिलेगी । अक्सर देखा जाता है आपको इंटेनेट पर हर तरह की शायरी का कलेक्शन पढ़ने को मिल जाता है ।  लेकिन सही और सटीक शायरी मिलना मुस्किल है ।  इसलिए आज का हमारा पोस्ट  के बारे में है । जिसमे आपको एक दम सही और सटीक शायरी पढ़ने को मिलेगी ।
अक्सर देखा जाता है  ।Internet पर  shayari को ढूंढना आसान नही होता है ।  अगर आप ख्वाजा की shayari पढ़ने का शौक रखते है तो ये पोस्ट आप जैसे उन विशेष लोगों के लिए ही है ।  तो चलिए इस पोस्ट पढ़ते है और आपको कैसी लगती है ये पोस्ट हम नीचे कमेंट करके जरूर बताए ताकि इसका रिव्यू जानकर हम और ऐसी और बेहतरीन पोस्ट को लेके आ सकते है ।

khwaja garib nawaz shayari

बस डूबने वाला ही था के पाया किनारा
ख्वाजा के कर्म ने मेरी कश्ती को उभारा |
khwaja garib nawaz shayari
Bas dubane wala hi tha ke paya kinara,
khwaa ke karm ne meri kashti ko ubhara..!!
मेरी मुराद मेरा मुद्दुआ गरीब नवाज ,
मेरी उम्मीद मेरा आसरा गरीब नवाज, !!
khwaja garib nawaz shayari
Meri murad mera muduaa garib nawaj,
Meri ummid mera asara garib nawaj..!!
मेरे ख्वाजा की क्या शान है,
जिस पर नज़र गया वह दुनिया का सरदार हो गया. !!
khwaja garib nawaz shayari
Mere khwaja ki kya shan hai ,
Jis par nazar gaya wah duniya ka sardar ho gaya..!!
खाली हो जिसकी झोली उसकी झोली भर देता है
ए मेरे ख्वाजा पिया तू जिसके सर भी हाथ धर देता है |
khwaja garib nawaz shayari
Khali ho jiski jholi bhar deta hai,
E mere khwaja piya tu jiske sar bhi hath dhar deta hai ..!!
मिला है मिल रहा है और मिलेगा तो उसी दर से
मेरे ख्वाजा तेरी चौखट से खाली जा नहीं सकता |
khwaja garib nawaz shayari
Mila hai mil raha hai aur milega to usi dar se,
mere khawaja teri chaukhat se khali ja nahi sakta..!!
या ख्वाजा या ख्वाजा घर जल्दी से मेरे आजा ,
वह मंजर वो तराना ,
सब वलियों को लेकर आना।
Ya khwaja ya khawaja ghar jaldi  se mere aaja,
wah manajar wo tarana,
sab waliyon ko lekar aana..!!

Garib nawaz shayari

जा कोई अमीर यहाँ , ना कोई गरीब हैं।
यहाँ तो बाबा सब , बस तेरे करीब हैं।
Ja koi amir yahan, na koi garib hai ,
yahan to bvava sab , bas tere karib hai ..!!
तेरी याद से ख्वाजा मेरे दिल में उजाले हैं
हम ख्वाजा वाले हैं सुनो जी हम ख्वाजा वाले हैं |
Teri yad se khwaja mere dil me ujale hai ,
hum khawaja wale hai suno ji hum khawaja wale hai ..!!
क्या पेशी तुझको चढाऊँ, ख्वाजा तेरी खिदमत में?
मेरी खुशियों कि झोली को नवाजा है बडी फुर्सत में ||
Kya peshi tujhko  chadau , khwaja teri khidmat me?
Meri khushiyon ki jholi ko nawja hai badi fursat me..!!

khwaja garib nawaz shayari 2 line

 

ना कोई ऊपर यहाँ , जा कोई नीच हैं।
महाँ तो ख्वाना सब कुछ , तेरे मेरे बीच हैं।
Na koi upr yahna, ja koi nich hai,
Maha to khwaja sab kuch , ter mere bich hai ..!!
आईना- ए -अजमेर कुछ ऐसा अक्स दिखाता हैं।
जर्रा जर्रा आशिक -ए-“ख़्वाजा” नजर आता हैं।।
aaina e ajmer kuch aisa aksa dikhata hai ,
jara jara ashiik e khwaja najar aata hai ..!!
मेरे ख्वाजा तेरी निस्बत का असर काफी है.,
हम गुलाम-पे तेरी एक नज़र काफी है.!
Mere khwaja teri nisbat ka asar kafi hai,
hum gulab pe teri ek nazar kafi hai ..!!
हैं और भी दुनिया में सुहान-वर बहुत अच्छे कहते हैं
की ‘गालिब’ का है अंदाज-ए-बयान और।
hai aur bhi duniya me suhan var bahut achhe kahte hai,
ki galib ka hai andaz e bayan aur ..!!!

khwaja garib nawaz shayari 2 line

 

क्यों गैर से हम जाकर कहें गम का फसाना
दरबार_ए_शेनशाह से जो मांगा है पाया।।।
kyun gair se hum jakar kahe gam ka fasana,
darbar e shenshah se jo manga hai paya..!!
मुझको करना ना दर से जुदा कभी ख्वाजा जी
दिल जो दीवाना बना है तो बना रहने दो |
Mujhko kara na dar se juda kabhi khwaja ji ,
dil jo diwana bana hai to bana rhane do..!!
या ख्वाजा या ख्वाजा घर जल्दी से मेरे आजा ,
हालात नहीं है जाने का ,
ना बना बहाना आने का।
Ya khwaja ya khwaj ghar jaldi se mere aaja,
halat nahi hai jane ka ,
na bana bahana aane ka ..!!

Khawaja shayari

हिन्द में हर जगह आपका नूर है
यह करामात ज़माने में मशहूर है
आपने मुर्दा इंसान को ज़िंदा किया
मेरे ख्वाजा पिया मेरे ख्वाजा पिया !!

 

Hind me har jagah aapka nur hai ,

yah karamat jamane me mashhur hai ,

aape murda insan ko zinda kiya,

mere khawaj piya mere khawaja piya..!!

 

मेरा बिगड़ा वक़्त सवार दो
मेरे ख्वाजा मुझको नवाज़ दो
तेरी एक निगाह की बात है
मेरी ज़िंदगी का सवाल है।।

mera bigad waqt sawar do,

mere khawaja mujhko nawaj do,

teri ek nigah ki bat hai ,

meri zindgi ka sawal hia ..!!

हमे उम्मीद करते हैं  । आपको हमारा पोस्ट khwaja garib nawaz shayari पसंद आया होगा और साथ  ही उमीद करते है  । आप इस पोस्ट को आने भैयो के साथ ज़रूर शेयर करेंगे ताकि और भी लोग इस तरह की शायरी को पढ़ सकते है । फॉर मोर शायरी आप हमारी वेबसाइट पर विजिट कर सकते है ।

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